साथी रे साथी रे
कदम-कदम से दिल- से- दिल मिला रहे है हम
वतन में एक नया चमन खिला रहे है हम....... साथी रे भाई रे
कदम-कदम से दिल- से- दिल मिला रहे है हम
वतन में एक नया चमन खिला रहे है हम....... साथी रे भाई रे
हम आज नींव रख रहे है उस निजाम की
बिके न ज़िन्दगी जहाँ... किसी गुलाम की
लुटे न मेहनते पिसे हुए............ अवाम की
न भर सके तिजोरियां..... कोई हराम की
हर एक ऊंच नीच को......... मिटा रहे है हम
कदम-कदम से दिल से दिल मिला रहे है हम
बिके न ज़िन्दगी जहाँ... किसी गुलाम की
लुटे न मेहनते पिसे हुए............ अवाम की
न भर सके तिजोरियां..... कोई हराम की
हर एक ऊंच नीच को......... मिटा रहे है हम
कदम-कदम से दिल से दिल मिला रहे है हम
हमारे बाजुओ में आंधियो का ज़ोर है
हमारी धड़कनो में बादलो का शोर है
हमारे हाथ में... वतन की बागडोर है
न बच के जा सकेंगे जिनके दिल में चोर है
सुनो की अपना फैसला ........ सुना रहे है हम
कदम-कदम से दिल से दिल मिला रहे है हम
हमारी धड़कनो में बादलो का शोर है
हमारे हाथ में... वतन की बागडोर है
न बच के जा सकेंगे जिनके दिल में चोर है
सुनो की अपना फैसला ........ सुना रहे है हम
कदम-कदम से दिल से दिल मिला रहे है हम
उठा लिया है अब.... शमा जवां का निशाँ
अलग थलग न होगी अब हमारी खेतियाँ
चलेंगी सबके वास्ते ... मिलो की चरखियां
जमी से अस्मा तलक..... उठेंगी चिमनिया
कहा था जो अब वो करके दिखला रहे है हम
अलग थलग न होगी अब हमारी खेतियाँ
चलेंगी सबके वास्ते ... मिलो की चरखियां
जमी से अस्मा तलक..... उठेंगी चिमनिया
कहा था जो अब वो करके दिखला रहे है हम
उठे वो नौजवान.. जिनको प्यार चाहिए
बढे वो दुल्हन जिन्हें...... सिंगार चाहिए
चले वो गुलसिता जिन्हें निखार चाहिए
उन्हें वो मस्तिया जिन्हें दिलदार चाहिए
की ज़िन्दगी को उसका हक़ दिला रहे है हम
बढे वो दुल्हन जिन्हें...... सिंगार चाहिए
चले वो गुलसिता जिन्हें निखार चाहिए
उन्हें वो मस्तिया जिन्हें दिलदार चाहिए
की ज़िन्दगी को उसका हक़ दिला रहे है हम
ये रास्ता सुनहरी........ मंजिलो को जायेगा
ये रास्ता ख़ुशी की......... बस्तिया बसाएगा
बिछड़ गयी थी जो उन्हें...... करीब लाएगा
ये रास्ता वो है जो दिल से दिल मिलाएगा
कि अब तमाम फैसले मिटा रहे है हम
साथी रे साथी रे
ये रास्ता ख़ुशी की......... बस्तिया बसाएगा
बिछड़ गयी थी जो उन्हें...... करीब लाएगा
ये रास्ता वो है जो दिल से दिल मिलाएगा
कि अब तमाम फैसले मिटा रहे है हम
साथी रे साथी रे
कदम-कदम से दिल- से- दिल मिला रहे है हम
वतन में एक नया चमन.......खिला रहे है हम
----------------------------------------------------------
वतन में एक नया चमन.......खिला रहे है हम
----------------------------------------------------------
No comments:
Post a Comment