Friday, 9 December 2016

तुमने कितने सपने देखे मैंने कितने गीत बुने ?
इस दुनिया के शोर में लेकिन दिल की धड़कन कौन सुने?
सरगम की आवाज़ पे सर को धुनने वाले लाखों पाए,
नग्मों की खिलती कलियों को चुनने वाले लाखों पाए,
राख हुआ दिल जिनमें जलकर वो अंगारे कौन चुने ?
तुमने कितने सपने देखे मैंने कितने गीत बुने ?
अरमानों के सूने घर में हर आहट बेगानी निकली,
दिल ने जब नज़दीक से देखा,हर सूरत अनजानी निकली,
बोझ घड़ियाँ गिनते-गिनते,सदमें हो गए लाख गुने,?
तुमने कितने सपने देखे मैंने कितने गीत बुने ?

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