Friday, 9 December 2016

आना है तो आ राह में कुछ देर नहीं है,
भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है,
जब तुझसे न सुलझे तेरे उलझे हुए धंधे,
भगवान के इंसाफ पे सब छोड़ दे बंदे
खुद ही तेरी मुशकिल को वो आसान करेगा,
जो तू नहीं कर पाया वो भगवान करेगा,
आना है तो आ राह में कुछ देर नहीं है,
भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है,
कहने की ज़रूरत नहीं आना ही बहुत है,
इस दर पे तेरा शीश झुकाना ही बहुत है,
जो कुछ तेरे दिल में है सब उसको ख़बर है,
बंदे तेरे हर हाल पे मालिक की नज़र है,
आना है तो आ राह में कुछ देर नहीं है,
भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है,
बिन माँगे ही मिलती हैं यहाँ मन की मुरादें,
दिल साफ हो जिनका वो यहाँ आके सदा दें,
मिलता है जहाँ न्याय वो दरबार यही है,
संसार की सबसे बड़ी सरकार यही है,
आना है तो आ राह में कुछ देर नहीं है,
भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है,

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