रात ख़ुशी की आयी
आज दुनिया नई है,
नज़ारे नये,
सीने में उमंगें मचली ,
होंटो पे तराने आये,
हम जिनके लिए जीते थे
आखिर वह ज़माने आये
दिल की आशाओं ने धरे रूप नये,
किरणो के सहारे बुनती ,
रात आयी नसीबों वाली,
धरती पर उजाला फैला,
अम्बर पे सजी दीपावली
मेरे नैनो में चमके सितारे कई,
चलते हुए इस राही ने ,
मंज़िल का इशारा पाया,
मंझधार में इस नय्या ने
मांझी का सहारा पाया,
इस तूफान से उभरे किनारे नये,
रात ख़ुशी की आयी
धरती पे उजाला फैला ,
अम्बर पे सजी दीवाली,
आज दुनिया नई है,
नज़ारे नये,
सीने में उमंगें मचली ,
होंटो पे तराने आये,
हम जिनके लिए जीते थे
आखिर वह ज़माने आये
दिल की आशाओं ने धरे रूप नये,
किरणो के सहारे बुनती ,
रात आयी नसीबों वाली,
धरती पर उजाला फैला,
अम्बर पे सजी दीपावली
मेरे नैनो में चमके सितारे कई,
चलते हुए इस राही ने ,
मंज़िल का इशारा पाया,
मंझधार में इस नय्या ने
मांझी का सहारा पाया,
इस तूफान से उभरे किनारे नये,
रात ख़ुशी की आयी
धरती पे उजाला फैला ,
अम्बर पे सजी दीवाली,
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