हम और तुम,
तुम और हम,
खुश हैं यूँ आज मिलके,
जैसे किसी संगम पर,
मिल जाएँ दो नदियाँ,
तन्हा बहते-बहते,
मुड़ के क्यों देखे पीछे चाहे कुछ भी हो,
चलते ही जाएं नई मंज़िलो को,
रस्ते आसां है नहीं आज हम दो,
तू मेरी बाँहों में,मैं तेरी बाँहों में,
लहराएँ बाँहों में,
हम और तुम,
तुम और हम,
खुश हैं यूँ आज मिलके,
ज़ुल्फों को खुलने दो,
साँसों को घुलने दो,
दिल से दिल मिलने दो,
दीवाने हो जाएँ,
कोहरे में खो जाएँ,
मिलकर यूँ हो जाएँ,
जैसे किसी पर्वत पर,
मिल जाएँ दो बादल,
तन्हा उड़ते-उड़ते,
हम और तुम,
तुम और हम,
खुश हैं यूँ आज मिल के,
तुम और हम,
खुश हैं यूँ आज मिलके,
जैसे किसी संगम पर,
मिल जाएँ दो नदियाँ,
तन्हा बहते-बहते,
मुड़ के क्यों देखे पीछे चाहे कुछ भी हो,
चलते ही जाएं नई मंज़िलो को,
रस्ते आसां है नहीं आज हम दो,
तू मेरी बाँहों में,मैं तेरी बाँहों में,
लहराएँ बाँहों में,
हम और तुम,
तुम और हम,
खुश हैं यूँ आज मिलके,
ज़ुल्फों को खुलने दो,
साँसों को घुलने दो,
दिल से दिल मिलने दो,
दीवाने हो जाएँ,
कोहरे में खो जाएँ,
मिलकर यूँ हो जाएँ,
जैसे किसी पर्वत पर,
मिल जाएँ दो बादल,
तन्हा उड़ते-उड़ते,
हम और तुम,
तुम और हम,
खुश हैं यूँ आज मिल के,
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