Thursday, 3 November 2016

चुप है धरती चुप हैं चाँद सितारे,
मेरे दिल की धड़कन,तुझको पुकारे,


खोए-खोए से ये मस्त नज़ारे,
ठहरे-ठहरे से ये रंग के धारे,


ढ़ूँढ़ रहे हैं तुझको,साथ हमारे,
चुप है धरती चुप हैं चाँद सितारे,


कोने-कोने मस्ती फैल रही है,
बाँहें बनकर हस्ती फैल रही है,


तुझ बिन डूबे दिल को कौन उभारे,
चुप है धरती चुप हैं चाँद सितारे,


निखरा-निखरा सा है चाँद का जोबन,
बिखरा-बिखरा सा है नूर का दामन,


आ जा मेरी तन्हाई के सहारे,
चुप है धरती चुप हैं चाँद सितारे,


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