Thursday, 3 November 2016

अब से पहले,पहले
अब से पहले तो ये ,
दिल की हालत न थी,
आज क्या हो गया,
आज क्या हो गया,
जिन्दगी दूसरों की
अमानत न थी,
आज क्या हो गया,
आज क्या हो गया
कोई देखे हमें
कोई चाहे हमें
और सराहे हमें,
ये तमन्ना,
ये ख्वाहिश,
ये हसरत थी,
आज क्या हो गया,
आज क्या हो गया
अपने अन्दाज़ पर
नाज़ करते थे हम,
हमको अपनी कसम,
ग़ैर से बात करने की
फुरसत न थी,
आज क्या हो गया,
आज क्या हो गया,
एक बुत आज क्यों कर
ख़ुदा बन गया,
मुद्दआ बन गया,
हमको तो सर झुकाने की
आदत न थी,
आज क्या हो गया,
आज क्या हो गया,

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